शिव ही संसार में जीव चेतना का संचार है।
शिव महापुराण के अनुसार स्वयं भगवान शिव ही हैं जिन्होंने ब्रह्मा को वेद का ज्ञान दिया, शिव को ही संसार में जीव चेतना का संचार कहा गया है। शिव का अर्थ ही कल्याण है, वही शंकर हैं, और वही रुद्र भी हैं। शंकर में शं का अर्थ कल्याण है और कर का अर्थ करने वाला। रुद्र में रु का अर्थ दुःख और द्र का अर्थ हरना- हटाना। इस प्रकार रुद्र का अर्थ हुआ, दुःख को दूर करने वाले अथवा कल्याण करने वाले। भगवान शिव आदी अनन्त है। भगवान शिव देवो के देव महादेव के रूप में माने जाते हैं। वह अनादि परमेश्वर हैं और आगम-निगम आदि शास्त्रों के अधिष्ठाता भी हैं। शिव को ही संसार में जीव चेतना का संचार कहा गया है। इस तरह भगवान शिव और शक्ति स्वरूपा मां पार्वती ही इस जगत और ब्रह्मांड में अपनी विशेष भूमिका का निर्वहन करते हैं। शिव महापुराण के अनुसार स्वयं भगवान शिव ही हैं जिन्होंने ब्रह्मा को वेद का ज्ञान दिया। ऐसी ही कई बातें शिव पुराण में वर्णित है आइए जानते हैं भगवान शिव से जुड़ी कुछ और बातें। 1 . मान्यता के अनुसार, ‘कोटि रुद्र संहिता’ और ‘शत रुद्र संहिता’ में भगवान शिव के तेज का पुंज जागृत हुआ जिससे विष्णु की उत्पत्ति ...