“धर्म का अंतिम प्रहरी – भगवान श्री Krishan का सुदर्शन चक्र”
नमो भगवते वासुदेवाय नमः 🙏🏻 सनातन धर्म में सुदर्शन चक्र शक्ति, धर्म और दिव्य शासन का सर्वोच्च प्रतीक माना गया है। यह केवल एक अस्त्र नहीं, बल्कि परम चेतना का चक्र है, जिसे स्वयं भगवान श्री Krishan धारण करते हैं। यह चक्र अधर्म का विनाश और धर्म की रक्षा का अटल संकल्प है। सुदर्शन चक्र क्या है? सुदर्शन चक्र एक दिव्य, विद्युत-वेग वाला, चक्राकार अस्त्र है। इसके दो मुख्य अर्थ माने जाते हैं: “सु” + “दर्शन” = सुंदर, पवित्र दर्शन दिव्य प्रकाश का चक्र, जो संसार में व्यवस्था, सुरक्षा और धर्म का संतुलन बनाए रखता है। यह 108 तीखे धारों वाला तेजस्वी चक्र है, जिसकी गति प्रकाश से भी अधिक मानी गई है। इसे ब्रह्मांड का सबसे शक्तिशाली अस्त्र कहा गया है। --- सुदर्शन चक्र का उद्गम पुराणों के अनुसार विष्णु भगवान ने सुदर्शन चक्र प्राप्त किया था: देवों और असुरों के समुद्र मंथन के समय भगवान शिव के तप से अलग-अलग ग्रंथों में कथाएं भिन्न हैं, पर हर कथा यह सिद्ध करती है कि यह अस्त्र केवल परम पुरुषोत्तम भगवान विष्णु के योग्य है। --- भगवान Krishan और सुदर्शन चक्र जब भगवान श्री Krishan ने पृथ्वी पर अवतार लिया, तब स...